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कोलकाता, 16 जून . पश्चिम बंगाल में आगामी पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की सुरक्षा में कथित प्रशासनिक विफलता पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की.

वरिष्ठ अधिवक्ता और माकपा के राज्यसभा सदस्य बिकास रंजन भट्टाचार्य ने आज न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा की एकल पीठ को सूचित किया कि जब पुलिस सुरक्षा में उम्मीदवारों का एक समूह नामांकन दाखिल करने के लिए जा रहा था, तब एक उम्मीदवार की पुलिस के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी गई.

भट्टाचार्य ने सवाल किया, हत्यारों में से एक पकड़ा गया और उसने बताया है कि उसे कैनिंग (पूर्व) से तृणमूल विधायक शौकत मोल्ला ने 5,000 रुपये की सुपारी दी थी. सभी उम्मीदवारों के लिए आवश्यक सुरक्षा सुनिश्चित करने के अदालत के स्पष्ट निर्देश के बावजूद पुलिस के सामने ऐसा सुनियोजित हमला कैसे हो सकता है?

इसके बाद जस्टिस मंथा ने कहा कि कोर्ट आम लोगों की जिंदगी को लेकर काफी चिंतित है. उन्होंने कहा, हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं दिख रहा है. यह क्या हो रहा है? मुझे लगा कि इन सबके बाद पुलिस ने भांगर पुलिस स्टेशन में एक आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज की होगी. लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ. यह अकल्पनीय है. राज्य पुलिस इस मामले में अदालत के स्पष्ट आदेश के बाद भी सुरक्षा सुनिश्चित करने में असमर्थ रही थी.

इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह न्यायालय को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे और बताए कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने में असमर्थ क्यों हैं और इस मामले में विफल रहने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए.

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