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दिल्ली के कथित शराब घोटाले में सीबीआई ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से रविवार को करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान CBI दफ्तर में क्या-क्या हुआ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बारे में जानकारी दी।

केजरीवाल ने कहा- मुझसे लगभग 9.5 घंटे तक सीबीआई ने पूछताछ की। मैंने सभी सवालों के जवाब दिए। कथित शराब घोटाले का केस झूठ और घटिया राजनीति पर टिका है। वे (केंद्र सरकार) आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहते हैं लेकिन देश की जनता हमारे साथ है।

सीबीआई के अधिकारियों को बोला- थैंक यू
केजरीवाल ने कहा- सीबीआई ने मुझे बुलाया था। सीबीआई ने मुझसे साढ़े आठ बजे तक यानी साढ़े नौ घंटे तक पूछताछ की है। मैं सबसे पहले सीबीआई के सभी अधिकारी की शुक्रिया करता हूं। उन्होंने पूरे सौहार्द माहौल में पूरी इज्जत के साथ मुझसे सवाल पूछे। उन्होंने जितने सवाल पूछे उन सबके जवाब मैंने दिए हैं। मैंने सुबह ही कहा था कि हमारे पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है। यह पूरी तरह से झूठा केस है। AAP कट्टर ईमानदार पार्टी है। हम मर-मिट जाएंगे पर कभी अपनी ईमानदारी के साथ समझौता नहीं करेंगे। हम पर जबरदस्ती आरोप लगाए जा रहे हैं।

CBI ने पूछे 56 सवाल
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वे हमारे अच्छे काम नहीं सकते हैं इसलिए हमें बदनाम कर रहे हैं। इनके पास केवल यही तरीका बचा है। सभी ने देख लिया कि जो काम 75 साल में नहीं हुआ हमने 8 साल में कर दिखाया है। यही कारण है कि हम तेजी से बढ़ रहे हैं। सीबीआई ने नई आबकारी नीति को लेकर सब कुछ पूछ डाला। यह नीति शुरू कहां से हुई… क्यों शुरू की गई? सीबीआई ने 2020 से लेकर 2023 तक 56 सवाल पूछ डाले।

क्या दोबारा बुलाया, क्या बोले केजरीवाल?
क्या सीबीआई ने उन्हें दोबारा बुलाया है। इस पर केजरीवाल ने कहा- मुझे कोई जानकारी नहीं दी है। मुझे नहीं बताया गया है कि वे दोबारा बुलाएंगे। मेरा यह मानना है कि सबकुछ फर्जी है। उनके पास इतना भी सबूत नहीं है कि वे कह सकें कि आप ने कुछ गलत किया है। आम आदमी पार्टी के लोग आवाज उठा रहे थे। उन्होंने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। उनको गिरफ्तार किया गया जो गलत है। सुना है अब छोड़ रहे हैं।

एलजी पर भी बरसे
सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को बुलाए गए विधानसभा सत्र को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- एलजी का कहना है कि सत्र नहीं बुला सकते हैं। उन्हें पढ़ना चाहिए। कल सदन की बैठक बुलाई गई है। यह किस नियम के खिलाफ है। विधानसभा सत्र बुलाने के लिए एलजी से पूछने की जरूरत नहीं है। मैं कहना चाहता हूं कि एलजी संविधान के नियम और कायदे पढ़ लें। उनको जरूरत हो तो कोई सलाहकार रख लें जिसे पूरे नियम कायदे की जानकारी हो।

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