हमने यह नहीं कहा कि हम पूरे 16 लाख करोड़ लौटाएंगे, राहुल गांधी ने क्यों दी सफाई
Sharing Is Caring:

राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनिंदा 22 लोगों को दिए गए 16 लाख करोड़ रुपये में से देश के 90% लोगों को थोड़ी सी धनराशि वापस करने का वादा किया गया है।दिल्ली के जवाहर भवन में सामाजिक न्याय सम्मेलन में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हमने यह नहीं कहा कि हम पूरे 16 लाख करोड़ लौटाएंगे। हमने कैलकुलेशन की है और कहा है कि केवल थोड़ी सी रकम वापस की जाएगी।” राहुल गांधी ने कहा, “आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री घबरा गए हैं। यह एक क्रांतिकारी घोषणापत्र है।”

हाल ही में राजस्थान के बांसवाड़ा में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था कि कांग्रेस की योजना लोगों की गाढ़ी कमाई और संपत्ति ‘‘घुसपैठियों’’ तथा ‘‘ज्यादा बच्चे वाले लोगों’’ को देने की है। इसके बाद से यह मुद्दा कांग्रेस और भाजपा के बीच एक प्रमुख टकराव का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने घोषणापत्र के बारे में झूठ फैलाया है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर अपने 25 ‘अरबपति मित्रों’ का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने का आरोप लगाया और कहा कि इसी राशि का इस्तेमाल देश के गरीब किसानों के कर्ज माफ करने और उन्हें अपना जीवन समाप्त करने से बचाने के लिए किया जा सकता था। अपनी पार्टी के घोषणापत्र को ‘क्रांतिकारी’ करार देते हुए उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री उनकी पार्टी के न्याय पत्र को देखकर घबरा गए हैं और वह नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करने के साथ ही ओछी टिप्पणी कर रहे हैं।

जाति आधारित जनगणना को कोई ताकत नहीं रोक सकती: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो अपने आप को देशभक्त कहते हैं वो 90 प्रतिशत लोगों के लिए ‘न्याय’ सुनिश्चित करने वाली जाति आधारित जनगणना के ‘एक्सरे’ के विरोध में खड़े हो गए हैं, लेकिन वे जाति आधारित जनगणना को रोक नहीं सकते। कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर किसी को चोट लगी है और वह कहें कि आप एक्सरे करा लीजिए, तो इससे किसी को एतराज तो नहीं होना चाहिए।

राहुल ने कहा कि जब उन्होंने सिर्फ यह कहा कि पता करते हैं कितना अन्याय है तो यह सारे के सारे खड़े हो गए और कहने लगे कि देश को तोड़ने और बांटने की कोशिश हो रही है। उन्होंने पूछा कि एक्सरे से क्या बंटेगा? फिर उन्होंने खुद ही जवाब देते हुए कहा कि इससे तो 90 प्रतिशत लोगों को पता चलेगा कि उनकी भागीदारी कितनी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जाति आधारित जनगणना को कोई शक्ति नहीं रोक सकती है क्योंकि हिंदुस्तान के 90 प्रतिशत लोगों को यह बात समझ में आ गई है।

’16 लाख करोड़ रुपया कर्जा माफ किया’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने उद्योगपतियों का 16 लाख करोड रुपए का कर्ज माफ कर गरीबों का हक छीना है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने अरबपति मित्रों का 16 लाख करोड़ रुपया कर्जा माफ किया है। उनका कहना था कि इतनी रकम का कर्ज माफ कर मोदी ने देश के करोड़ों गरीबों के हक को छीनने का काम किया है।

उन्होंने कहा “इतने पैसों से 16 करोड़ युवाओं को एक लाख रुपये साल की नौकरी मिल सकती थी और 16 करोड़ महिलाओं को एक लाख रुपये साल देकर उनके परिवारों की जिंदगी बदली जा सकती थी तथा 10 करोड़ किसान परिवारों का कर्ज़ माफ कर अनगिनत आत्महत्याएं रोकी जा सकती थी।”

राहुल गांधी ने कहा कि इतनी रकम से पूरे देश को 20 वर्षों तक मात्र 400 रू में गैस सिलेंडर दिया जा सकता था और तीन साल तक भारतीय सेना का पूरा खर्च उठाया जा सकता था।इसके साथ ही दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के हर युवा की ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई मुफ्त की जा सकती थी।

Sharing Is Caring:

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version