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राजनीतिक मामलों में भी अपनी साफगोई के लिए चर्चित केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भविष्यवाणी की है। उनका कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 2024 में पहले से ज्यादा सीटों के साथ लौटेगी।

2019 के लोकसभा इलेक्शन में भाजपा ने 300 से ज्यादा सीटें हासिल करके बहुमत की सरकार बनाई थी। नितिन गडकरी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छ्त्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों को लेकर भी कहा कि भाजपा ही यहां जीतेगी। हालांकि तेलंगाना के चुनावों को लेकर उन्होंने ऐसा दावा नहीं किया और कहा कि हम एक मजबूत पार्टी के तौर पर उभरेंगे। हमारी ताकत वहां पहले से ज्यादा होगी।

नितिन गडकरी ने एएनआई से बातचीत में कहा, ‘लोकसभा चुनाव में हम पहले मिली सीटों से ज्यादा हासिल करेंगे। हमने देश का भविष्य बेहतर किया है और लोग पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमें फिर से जिताने वाले हैं।’ केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर मुफ्त बिजली समेत फ्री योजनाओं को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि 18 लाख करोड़ रुपये के घाटे में बिजली की कंपनियां हैं। इसी तरह चलता रहा तो हमारा पावर सेक्टर ही खत्म हो जाएगा। यदि हमें चुनाव जीतना ही है तो गरीबों को घर बनाकर दें और उन्हें रोजगार मुहैया कराएं। यदि हम लोगों को फ्री में हम कुछ देते हैं तो उसका महत्व नहीं रह जाता। मुफ्त की यह राजनीति लोकतंत्र के लिए घातक हैं।

सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि लोग पढ़े लिखे हैं और जानते हैं कि हमें किसे वोट देना चाहिए। विपक्ष और विदेशी मीडिया की ओर से भारत में लोकतंत्र को खतरे में बताए जाने पर नितिन गडकरी ने कहा कि ऐसा नहीं है। कोई भी व्यवस्था अपने ही कानून से चलती है, जब कुछ लोग कानून के आगे फेल रहते हैं तो वे इस तरह के आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो काम 60 सालों में नहीं किया था, उसे हमने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 10 सालों में ही करके दिखाया है।

‘गीता प्रेस के खिलाफ बोलना गांधी जी को ना मानने जैसा’

नितिन गडकरी ने गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार दिए जाने पर कांग्रेस की टिप्पणी पर भी ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देकर ही कांग्रेस की ऐसी हालत हुई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गांधी जी की गीता में बहुत आस्था थी और उसके प्रचार के लिए गीता प्रेस ने शानदार काम किया है। इसलिए गीता प्रेस के खिलाफ गलत बातें करना गांधी जी की विचारधारा के खिलाफ बोलने जैसा ही है।

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