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डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद खालिस्तान समर्थक संगठन वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल सिंह अपने राज उगल रहा है। मंगलवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की एक टीम ने अमृतपाल से पूछताछ की।

पंजाब पुलिस ने रविवार को अमृतपाल सिंह को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया और तुरंत उसे असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल ले जाया गया, जहां उसके नौ अन्य करीबी बंद हैं। सूत्रों के मुताबिक अमृतपाल सिंह को अलग सेल में रखा गया है और आईबी की टीम सुबह वहां गई थी। जहां अमृतपाल से टीम ने कुछ घंटों तक पूछताछ की। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है।

पूछताछ के लिए दिल्ली से जाएगी टीम?

ऐसी खबरें थीं कि अमृतपाल सिंह से पूछताछ करने के लिए रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) और आईबी जैसी केंद्रीय खुफिया एजेंसियां ​​दिल्ली से आ रही हैं। हालांकि, असम पुलिस के महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार भुइयां ने कहा कि इन एजेंसियों के अधिकारी पहले से ही असम में तैनात हैं। उन्होंने मीडिया से कहा, “ऐसी सभी केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकारी पहले से ही असम में तैनात हैं। अगर उन्हें यहां किसी से पूछताछ करनी है, तो वे कर सकते हैं। यह जरूरी नहीं है कि राष्ट्रीय राजधानी से विशेष टीम को किसी कैदी से पूछताछ करने के लिए आना पड़े।”

जेल के बाहर तैनात है सुरक्षा

वारिस पंजाब दे के गिरफ्तार सदस्यों के पहले जत्थे को 19 मार्च को डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में लाया गया गया था। बाद में अमृतपाल सिंह के पांच और करीबी सहयोगियों को तीन अलग-अलग शिफ्टों में डिब्रूगढ़ लाया गया। इसके बाद असम पुलिस ने जेल के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और सीसीटीवी की निगरानी भी बढ़ा दी गई। असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन सेल का दौरा किया जहां वारिस पंजाब दे के सदस्य रखे गए हैं।

अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी से पहले, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) की पांच सदस्यीय टीम ने नौ बंदियों से मिलने के लिए असम का दौरा किया था। सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस के आईजी, आईपीएस राकेश अग्रवाल, पंजाब पुलिस की एसपी रूपिंदर कौर भट्टी ने पिछले बुधवार को डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल का दौरा किया।

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