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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीरवार को यहां कहा कि 1998 में देश के परमाणु परीक्षण ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत भले ही एक शांतिप्रिय देश है लेकिन वह आत्मसम्मान के खिलाफ उठाए गए किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करेगा।

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीरवार को यहां कहा कि 1998 में देश के परमाणु परीक्षण ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत भले ही एक शांतिप्रिय देश है लेकिन वह आत्मसम्मान के खिलाफ उठाए गए किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करेगा।

सिंह ने यहां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी आक्रमणकारियों द्वारा नालंदा में शिक्षा केंद्र और सोमनाथ में सांस्कृतिक प्रतीक को तबाह किए जाने के बाद भारत ने इतिहास से सबक सीखा है।

सिंह ने 1998 के पोकरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह में कहा, ”हमने इतिहास से सबक सीखे हैं और संकल्प लिया है कि हम इस तरह के इतिहास को दोहराने की अनुमति नहीं देंगे।

रक्षा मंत्री ने कहा, भारत के परमाणु परीक्षणों ने दुनिया को संदेश दिया है कि हम भले ही एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन हम नालंदा को फिर से जलता हुआ नहीं देखेंगे। हम सोमनाथ जैसे अपने सांस्कृतिक प्रतीक को फिर से बर्बाद किया जाना बर्दाश्त नहीं करेंगे।” सिंह ने कहा, ”हम अपने आत्मसम्मान के खिलाफ उठाए गए हर कदम का मुंहतोड़ जवाब देंगे।” इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह और शीर्ष वैज्ञानिक भी उपस्थित थे।

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